Tuesday, December 25, 2007

हम्मर मैथिल रचना !

हम छी पुरब मैथील नाम हम्मर !
सुरज मे ने छॅन् दम जे, हम्मर हिस्सा रोशनी रोकीलेता !

चान केर उगक हिम्मत ने छेन, जाधेर हम्मर मुख नेय देख लेता!
कमला कोसि बहे छेइथ, लक इजाजत हम्मर!!
हम छी पुरब मैथील नाम हम्मर!!
हवा बहे छेइथ लक नाम हम्मर,
बादल गरजे छॅथ सुनी अवाज हम्मर !

वर्षा वर्षे छेइथ, पकरी हरीयरका दुपट्टा हम्मर!!
हम छी पुरब मैथील नाम हम्मर !
हम छी जानकि, हमही छी, राम,
हमही छी सुबह, हमही छी शाम,
हमरे स सुरु हमरे स पुनःबिराम!

पत्ता नै हिल सकेया, बिना सुमरि हम्मर नाम!!
हम छी पुरब मैथील नाम हम्मर !

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